anuj post

Posted by Anuj Kumar Gautam on 10:03 PM, 18-Sep-15  •  Comments (0)

प्रसंग है एक नवयुवती छज्जे पर बैठी है, वह उदास है, उसकी मुख मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से कूदकर आत्महत्या करने वाली है। विभिन्न कवियों से अगर इस पर लिखने को कहा जाता तो वो कैसे लिखते : गुलजार.... वो बरसों पुरानी ईमारत शायद आज कुछ गुफ्तगू करना चाहती थी कई सदियों से उसकी छत से कोई... [Read More]

mahfil e shayri group rules

Posted by Anuj Kumar Gautam on 09:54 PM, 18-Sep-15  •  Comments (0)

Dukhi aatma Third part by anuj kumar gautam satna

Posted by Anuj Kumar Gautam on 02:28 AM, 17-Sep-15  •  Comments (0)

जी हां, अभी आपने पढा कि शिखा कि शादी हो गयी और मेरी जान को मुझसे छुडाकर मुझे जिन्दा रहने का हुक्म दिया गया। फिर भी मै वो सजा को सहना स्वीकार किया । उसके बाद आपने पढा की किसी की कृपा मुझ पर हुई तो मेरी डायरी खोने से मेरी पुस्तक छपी और उसकी जानकारी मुझे मिली। उसके बाद... [Read More]

dukhi aatma second part by Anuj Kumar Gautam Satna

Posted by Anuj Kumar Gautam on 03:31 AM, 16-Sep-15  •  Comments (0)

Next part.... अभी आपने पढा कि शिखा पैसों के लिये मुझे छोडकर शादी कर लेती है, और मै तन्हाइयों मे सिसकता रहा। अब..... उसकी शादी हुये तीन माह बीत गये थे। उसकी शादी पन्ना मे हुई थी। पर उसके पति मुम्बई मे विजिनेस मैन थे इसलिये शिखा वहीं रहती थी हमेशा। मै किसी तरह जिन्दगी बिता रहा था। पढाई या किसी कार्य मे... [Read More]

Dukhi aatma first part By Anuj kumar Gautam satna

Posted by Anuj Kumar Gautam on 03:23 AM, 16-Sep-15  •  Comments (1)

*बीते लम्हे, तन्हा जिन्दगी* (कुछ पल शिखा के संग) ___कहानी - अनुज कुमार गौतम 'अश्क' ( Annu) द्वारा "यह एक काल्पनिक कहानी है" ----------------------- बस किसी तरह मेरी रात गुजरी, लग रहा था कैसे और कितनी जल्द शुबह हो जाये । सुबह के पांच बजे थे मेरी आंखे सूज गयी थी, दिल पिघल गया था, बहुत बुरा समय था। बात उन दिनो की है... [Read More]